प्रतीक चिह्न (लोगो)

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अर्थ

नीरस भीड़ से दूर शिक्षा का यह स्फूर्तिजनक नव निकुंज चारों ओर हरियाली से सुसज्जित है। इन पहाड़ियों पर सूर्योदय सत्य ज्ञान की आभा बिखेरता है । अभियांत्रिकी के एक उत्कृष्ट चमत्कार झूलते हए एक शतक प्राचीन ऐतिहासिक मण्डी कस्बे के सेतु से नीचे कलकल कर बहती हुई ब्यास स्वयं अपने रहस्य से अपरिचित है ।

रचना

अभियांत्रिकी की चमत्कृत करने वाली इस कृति, झूलते हुए सेतु को पर्वतों, सूर्य, एवं ब्यास के प्रतीकात्मक संयोजन के साथ प्रतीक चिह्न के केंद्र में रखा गया है।

प्रतीक चिह्न का संदेश

ज्ञान के अनंत कोष से सीखने एवं अनोखा बनने की स्वाधीनता

प्रतीकात्मकता

प्रतीक चिह्न में तीन रंग- नीला, हरा एवं नारंगी प्रयोग किए गए हैं। नीला रंग अनंत आकाश का सूचक है और ज्ञान के असीमित विस्तार का प्रतीक है। हरा रंग अंकुरण, युवा शक्ति एवं विचारों की नूतनता का तथा नारंगी रंग ऊर्जा एवं समर्पण की उदात्त भावना के प्रतीक हैं । प्रतीक चिह्न की गहराई उत्कृष्टता की खोज को इंगित करती है । पिछले वर्षों में आधुनिकतम अभियांत्रिकीय कौशल का उत्कृष्ट प्रतिरुप, यह सेतु इस बात का पूर्वाभास कराता है कि भविष्य में भी ऐसे आश्चर्यजनक सृजन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मण्डी के छात्रों द्वारा भी किए जाएंगे।

इस प्रकार, यह प्रतीक चिह्न दर्शाता है कि ज्ञान और श्रेष्ठता का दृढ़ता से पीछा करने वालों की जोश और जवानी से भरपूर मंजिल भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मण्डी है।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मण्डी का प्रतीक चिह्न ( लोगो ) का डिजाइन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के वास्तुशिल्प विभाग की सह-प्राध्यापक डॉ. इला गुप्ता ने तैयार किया है ।
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